राजस्थान पुलिस राज्य विशेष शाखा (State Special Branch – SSB) : सम्पूर्ण जानकारी
राजस्थान पुलिस की राज्य विशेष शाखा (State Special Branch – SSB) राज्य की आंतरिक सुरक्षा, खुफिया संकलन, सीमा सुरक्षा और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर निगरानी रखने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण इकाई है। यह शाखा राजस्थान पुलिस की आंख और कान के रूप में कार्य करती है।
राज्य विशेष शाखा क्या है?
राज्य विशेष शाखा राजस्थान पुलिस की वह इकाई है जो खुफिया कार्य (Intelligence Work) से संबंधित सभी मामलों को संभालती है। इसका कार्य केवल अपराध के बाद जांच करना नहीं, बल्कि अपराध और खतरे से पहले सूचना एकत्र करना होता है ताकि राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
राज्य विशेष शाखा के प्रमुख कार्य
- आंतरिक खुफिया (Internal Intelligence) – राज्य के भीतर उभरते सुरक्षा खतरों की पहचान
- सीमा खुफिया (Border Intelligence) – भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ी सूचनाओं का संकलन
- काउंटर जासूसी (Counter Espionage) – विदेशी एजेंसियों की जासूसी गतिविधियों पर नियंत्रण
- VVIP / VIP / महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा
- सुरक्षा प्रशिक्षण स्कूल का संचालन
- विदेशियों से संबंधित मामले – पासपोर्ट, वीज़ा और आव्रजन जांच
- Official Secrets Act से जुड़े अपराधों की जांच
- खुफिया ब्यूरो एवं अन्य केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय
- रक्षा सेवाओं, अर्धसैनिक बलों एवं अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल
राज्य विशेष शाखा का संक्षिप्त इतिहास
वर्ष 1965 में राजस्थान पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) को दो भागों में विभाजित किया गया:
- अपराध शाखा – अपराध एवं आपराधिक जांच
- राज्य विशेष शाखा – खुफिया एवं सुरक्षा मामलों की निगरानी
राज्य विशेष शाखा को खुफिया ब्यूरो (IB) की तर्ज पर विकसित किया गया और इसे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के नेतृत्व में संचालित किया जाता है।
पाकिस्तान सीमा और राज्य विशेष शाखा की भूमिका
राजस्थान की पाकिस्तान के साथ लगभग 1040.5 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो श्रीगंगानगर के हिंदुमलकोट से लेकर बाड़मेर के ब्राह्मणों की ढाणी तक फैली हुई है।
रेगिस्तानी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पूरी सीमा पर बाड़ लगाना अब भी चुनौतीपूर्ण है। इसी कारण:
- ISI एजेंटों की घुसपैठ
- RDX एवं विस्फोटकों की तस्करी
- नार्को-आतंकवाद
- अवैध हथियारों की आवाजाही
जैसे खतरे बने रहते हैं। राज्य विशेष शाखा सीमा आसूचना और काउंटर इंटेलिजेंस को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है।
महत्वपूर्ण घटनाएं और सुरक्षा चुनौतियां
अतीत में राजस्थान में कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जैसे:
- पूर्व केंद्रीय मंत्री राम निवास मिर्धा के पुत्र का अपहरण
- 1996 में जयपुर के SMS स्टेडियम में बम विस्फोट
- राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 पर बस बम विस्फोट
- अंतरराष्ट्रीय सीमा पर RDX की बरामदगी
इन घटनाओं ने स्पष्ट किया कि राजस्थान भी सीमा पार आतंकवाद से अछूता नहीं है।
VVIP और VIP सुरक्षा
राज्य विशेष शाखा:
- राज्यपाल
- मुख्यमंत्री
- अन्य अति विशिष्ट व्यक्तियों
की सुरक्षा व्यवस्था की योजना, खतरे का आकलन और खुफिया इनपुट प्रदान करती है।
विदेशी पंजीकरण और आव्रजन जांच
SSB का एक महत्वपूर्ण कार्य विदेशियों का पंजीकरण एवं जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आव्रजन जांच करना है। यह कार्य राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा प्रशिक्षण स्कूल
राज्य विशेष शाखा राजस्थान पुलिस अकादमी परिसर में सुरक्षा प्रशिक्षण स्कूल का संचालन करती है।
यहाँ अधिकारियों और कर्मचारियों को:
- खुफिया संकलन
- खतरे का आकलन
- VIP सुरक्षा
- आतंकवाद-रोधी तकनीक
से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
राज्य विशेष शाखा का महत्व
राज्य विशेष शाखा का कार्य अदृश्य लेकिन अत्यंत प्रभावी होता है। यह शाखा न केवल अपराध रोकने में, बल्कि राज्य की आंतरिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
निष्कर्ष
पाकिस्तान से लगी लंबी सीमा, अंतरराष्ट्रीय साजिशें और बदलते सुरक्षा परिदृश्य के कारण राजस्थान पुलिस की राज्य विशेष शाखा की भूमिका दिन-प्रतिदिन और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है। SSB की सतर्कता ही राज्य की सुरक्षा की पहली दीवार है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. राजस्थान पुलिस की राज्य विशेष शाखा क्या करती है?
राज्य विशेष शाखा खुफिया जानकारी एकत्र करने, सीमा सुरक्षा, काउंटर जासूसी, VIP सुरक्षा और विदेशी मामलों से संबंधित कार्य करती है।
Q2. राज्य विशेष शाखा किसके अधीन काम करती है?
यह शाखा राजस्थान पुलिस के अंतर्गत आती है और इसका नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक करते हैं।
Q3. क्या SSB सीधे अपराध की जांच करती है?
नहीं, SSB मुख्य रूप से खुफिया संकलन करती है। अपराध की जांच अपराध शाखा या स्थानीय पुलिस करती है।
Q4. राज्य विशेष शाखा का सबसे बड़ा फोकस क्या है?
सीमा खुफिया, आतंकवाद-रोधी कार्य और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर नियंत्रण इसका मुख्य फोकस है।